कहते है अगर हौसलों में उड़ान हो, सीमित संसाधन कभी भी सपनों के रास्ते में दीवार नहीं बन सकते। इस बात को सच कर दिखाया है बुरहानपुर जिले के शाहपुर में रहने वाले मेधावी छात्र दीपक पिता संतोष चौधरी ने। दीपक आज अमेरिका की प्रतिष्ठित रटगर्स बिजनेस यूनिवर्सिटी में श्डंेजमते व िफनंदजपजंजपअम थ्पदंदबमश् उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि के पीछे उनकी दृढ़ ईच्छाशक्ति, कड़ी मेहनत एवं “पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना” का योगदान है।

आर्थिक तंगी बनी थी सपनों के रास्ते की चुनौती

सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले दीपक चौधरी बचपन से ही पढ़ाई में होनहार थे। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल पर कठिन प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर अमेरिका की यूनिवर्सिटी में प्रवेश प्राप्त किया। लेकिन विदेश जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनके लिए आसान नहीं था। अमेरिका में पढ़ाई की फीस, रहने और आने-जाने सहित अन्य खर्च एक सामान्य परिवार के लिए बड़ी चुनौती थी।

दीपक के सामने सबसे बड़ी चिंता विदेश में पढ़ाई के अत्यधिक महंगे खर्च की थी। लाखों रुपये की फीस और विदेश में रहने के खर्च का वहन करना परिवार के लिए लगभग असंभव महसूस हुआ। ऐसे समय में मध्यप्रदेश शासन की यह छात्रवृत्ति योजना उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग बना मददगार

दीपक ने बुरहानपुर के कार्यालय कलेक्टर (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग) में “पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना’’ का लाभ लेने हेतु आवेदन किया। सामान्य परिवार से आने वाले दीपक के लिए शासन की छात्रवृत्ति योजना सपने को पूरा करने का मजबूत माध्यम बनी। विभाग द्वारा आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दीपक की योग्यता एवं पात्रता की जांच की गई। प्रशासनिक तत्परता दिखाते हुए विभाग ने उनकी उच्च शिक्षा के लिए रूपये 59.43 लाख से अधिक की राशि स्वीकृत की, जिससे अमेरिका में दीपक की पढ़ाई का रास्ता आसान हो गया।

“युवाओं के सपनों को सच करने का माध्यम है यह योजना”

दीपक चौधरी कहते हैं, मेरे परिवार के लिए अमेरिका में पढ़ाई करवाने के बारे में सोचना भी एक सपने जैसा था। मैं शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मेरे भविष्य की राह को आसान बनाया। यह सहायता केवल एक छात्रवृत्ति नहीं, बल्कि मेरे जैसे युवाओं के सपनों पर सरकार का विश्वास है।