पशुगणना में चलते रेवड़ और चरवाहे
मार्च 2024 की इंदौर कार्यशाला में चरवाहे की समावेशी परिभाषा, आवास, रास्ते और जुटाए जाने वाले आंकड़ों पर सहमति खोजी गई। बाद की गणना में अलग पहचान क्यों मायने रखती है।
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मार्च 2024 की इंदौर कार्यशाला में चरवाहे की समावेशी परिभाषा, आवास, रास्ते और जुटाए जाने वाले आंकड़ों पर सहमति खोजी गई। बाद की गणना में अलग पहचान क्यों मायने रखती है।
8 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के एक निजी होटल में एम.पी. तक बैठक में कहा, इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को 300 करोड़ दिलवाए गए और रतलाम की सज्जन मिल तथा ग्वालियर की मिल के लिए उसी तरह के प्रयास जारी हैं। 8 जनवरी 2024 की विज्ञप्ति उसी मिल पर 224 करोड़ और पाँच हजार से अधिक श्रमिक लिखती है। दो आँकड़े दो तारीख के हैं। रतलाम-ग्वालियर की रसीद इस भाषण में नहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 सितंबर को इंदौर से स्वामित्व अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन शुरू करेंगे और पंजीकृत गौशालाओं को जुलाई माह का ₹66.73 करोड़ अनुदान डीबीटी से भेजने वाले हैं। बुधवार को उन्होंने समत्व भवन से इंदौर-उज्जैन की तैयारियाँ जाँचीं। शिविर लगना बाकी है; पैसा खाते में पहुँचा हो, यह विज्ञप्ति नहीं कहती।