घर के आंगन में बंधी गाय गिनना आसान है; मौसम और चारे के साथ जगह बदलते रेवड़ को किस घर, किस गांव और किस रास्ते से दर्ज किया जाए? 7 मार्च 2024 को इंदौर में हुई केंद्रीय पशुपालन विभाग की कार्यशाला ने इसी मुश्किल को मेज पर रखा। विषय था 21वीं पशुधन गणना में चरवाहों और उनके पशुओं की गिनती। बैठक ने चरवाहे की समावेशी परिभाषा, उनके आवास और आवाजाही के रास्ते, जुटाई जाने वाली सूचना तथा गणना की पद्धति पर साझा समझ बनाने की कोशिश की।
रास्ता भी आंकड़ा है
कार्यशाला में चरवाही वाले राज्यों के प्रतिनिधि, सहजीवन सेंटर ऑफ पास्टोरलिज्म और डेजर्ट रिसोर्स सेंटर जैसे संगठन, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों से जुड़ा विकास एवं कल्याण बोर्ड, राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण और मध्य प्रदेश का जनजातीय अनुसंधान संस्थान शामिल थे। यह भागीदारी एक बुनियादी बात दिखाती है: चरवाहे की सही गिनती केवल पशुओं की संख्या नहीं, उसके मौसमी ठहराव और चलने के ढंग को समझने से बनती है।
कार्यशाला से गणना तक
अक्टूबर 2024 की लॉन्च सूचना में 21वीं पशुधन गणना के लिए चरवाहों की पशुधन-होल्डिंग अलग उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया। डेटा मोबाइल तकनीक से जुटना था; गाँवों और शहरी वार्डों में 15 पालतू पशु प्रजातियाँ, कुक्कुट और मान्यता प्राप्त नस्लें दर्ज की जानी थीं। विभाग की 7 जनवरी 2026 को प्रकाशित वर्षांत समीक्षा ने मैदानी गणना पूरी होने और डेटा सत्यापन व रिपोर्ट को अंतिम रूप देने का काम जारी होने की जानकारी दी। यह उसी समीक्षा की स्थिति है।
इंदौर की चर्चा का स्थानीय महत्व चरवाही के रास्ते को पहचानने में है। मौसमी ठहराव, पशुओं की संख्या और पालन के तरीके साथ दर्ज हों तो चलते रेवड़ भी योजना के आधार में दिखाई दे सकते हैं। कार्यशाला की यह तैयारी और गणना के अंतिम प्रकाशित नतीजे अलग चरण हैं। चारे और पशु-स्वास्थ्य की जरूरतों पर आगे काम करने के लिए इस पूरी प्रक्रिया में चरवाहों की भागीदारी मायने रखती है।
मुख्य बातें
- 7 मार्च 2024 की इंदौर कार्यशाला का विषय 21वीं पशुधन गणना में चरवाहों और उनके पशुओं की अलग गिनती था।
- बैठक ने समावेशी परिभाषा, चरवाही के तरीके, आवास, आवाजाही के रास्ते और डेटा जुटाने की पद्धति पर चर्चा की।
- अक्टूबर 2024 में शुरू गणना में पहली बार चरवाहों की पशुधन-होल्डिंग को स्वतंत्र रूप से दर्ज करने और मोबाइल तकनीक इस्तेमाल करने का प्रावधान था।
स्रोत और संदर्भ
- Press Information Bureau / Department of Animal Husbandry and Dairying · Workshop on Count of Pastoralists and their Livestock in 21st Livestock Census ↗7 मार्च 2024
- Press Information Bureau / Department of Animal Husbandry and Dairying · Union Minister set to launch the 21st Livestock Census Operation ↗24 अक्टूबर 2024
- Press Information Bureau / Department of Animal Husbandry and Dairying · Year End Review 2025: Department of Animal Husbandry and Dairying ↗7 जनवरी 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।



