धार के जिला भोज चिकित्सालय में विश्व अल्जाइमर दिवस पर वृद्धजन वार्ड में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अल्जाइमर और डिमेंशिया के लक्षणों को समय पर पहचानने तथा प्रभावित व्यक्ति की उचित देखभाल पर जानकारी दी गई।
याददाश्त में बदलाव को समझना जरूरी
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मोनिका भावसार ने बताया कि अल्जाइमर मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर बीमारी है। इससे व्यक्ति की याददाश्त और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता धीरे-धीरे प्रभावित हो सकती है।
कार्यक्रम में समझाया गया कि अल्जाइमर और डिमेंशिया से जुड़े लक्षणों की समय पर पहचान महत्वपूर्ण है। प्रभावित व्यक्ति के उपचार और देखभाल के साथ परिवार के सदस्यों की भूमिका पर भी जानकारी दी गई।
परिवारों से संवेदनशील व्यवहार की अपील
विश्व अल्जाइमर दिवस 2026 की थीम ‘जितनी जल्दी आपको पता चलेगा, उतना ही आप कर पाएंगे’ रखी गई है। कार्यक्रम में इसी आधार पर समय रहते पहचान और आवश्यक सहयोग का संदेश दिया गया।
लोगों से अल्जाइमर से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील और सहयोगपूर्ण व्यवहार अपनाने की अपील की गई। साथ ही लक्षण दिखाई देने पर उचित चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा गया।





