धार जिले में तालाबों और जलाशयों पर निर्भर मछुआरों तथा मत्स्य पालकों के लिए केंद्र सरकार की योजना से जुड़ने का रास्ता खुला है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत चल रही केंद्रीय क्षेत्र की उप-योजना प्रधानमंत्री मत्स्य कृषक समृद्धि सह-योजना (PMMKSSY) का लाभ लेने के लिए अब ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। यह पंजीयन भारत सरकार द्वारा विकसित नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर किया जाएगा।
जिले में मत्स्योद्योग विभाग के सहायक संचालक लोकेश चौहान के अनुसार इस सह-योजना के जरिए मत्स्य क्षेत्र से जुड़े हितग्राहियों को अलग-अलग गतिविधियों और सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने जिले के पात्र और इच्छुक मत्स्य कृषकों, मछुआरों, मत्स्य विक्रेताओं तथा मत्स्य उद्यमियों से पंजीयन कराने का आग्रह किया है।
पंजीयन के बाद किन सुविधाओं से जुड़ाव
विभाग के मुताबिक एनएफडीपी प्लेटफॉर्म पर इस योजना के अंतर्गत ऋण सुविधा, मत्स्य सहकारी समितियों का सशक्तिकरण और जलीय कृषि बीमा जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसके साथ प्रदर्शन अनुदान, ट्रेसेबिलिटी तथा प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण से जुड़े काम भी योजना का हिस्सा बताए गए हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि पंजीयन अपने आप में किसी लाभ की गारंटी नहीं है। यह पहला कदम है, जिससे हितग्राही योजना के दायरे में दर्ज होता है और उसके बाद ही वह अलग-अलग गतिविधियों के लिए आवेदन की प्रक्रिया में आगे बढ़ सकता है।
पंजीयन कहां और कैसे
हितग्राही अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन और आवेदन करा सकते हैं। धार जिले के ग्रामीण इलाकों में यह व्यवस्था उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिनके पास खुद ऑनलाइन आवेदन करने का साधन नहीं है।
योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड, हैदराबाद के टोल फ्री नंबर 1800-425-1660 पर संपर्क किया जा सकता है। जिले में सीधी जानकारी के लिए कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग, धार से भी संपर्क किया जा सकता है।
जो लोग मछली पालन या मछली के कारोबार से जुड़े हैं, उनके लिए पहला काम यही है कि वे अपने दस्तावेज तैयार रखकर नजदीकी सीएससी पर जाएं और एनएफडीपी पर अपना नाम दर्ज कराएं।



