धार जिले के मछली पालकों के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) का दरवाजा एक पोर्टल से होकर गुजरता है — और वही बात समझाने के लिए गुरुवार को शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, साकल्दा में जागरूकता कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम का मकसद साफ था: जो हितग्राही योजना के दायरे में आते हैं, वे राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) के पोर्टल पर अपना पंजीयन करा लें।

कार्यक्रम में मत्स्य कृषकों को योजना के उद्देश्य, पात्रता की शर्तें, पंजीयन की प्रक्रिया और योजना के तहत मिलने वाले लाभ विस्तार से बताए गए। क्षेत्र के मछली पालकों ने इसमें सक्रिय भागीदारी की।

योजना का मकसद क्या है

अधिकारियों ने कृषकों को बताया कि योजना का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र में काम कर रहे हितग्राहियों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसके साथ मछली उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ावा देना तथा पूरे मत्स्य क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित और सशक्त बनाना भी योजना के लक्ष्यों में शामिल है।

यह ध्यान रखने वाली बात है कि कार्यक्रम में किसी नई सौगात की घोषणा नहीं हुई। यह जानकारी और पंजीयन को लेकर जागरूकता फैलाने वाला आयोजन था, ताकि पात्र मछली पालक योजना की प्रक्रिया से छूट न जाएं।

पंजीयन कैसे होगा

मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कृषकों को NFDB पोर्टल पर पंजीयन की चरणबद्ध प्रक्रिया समझाई। उन्हें बताया गया कि पंजीयन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे और पंजीयन हो जाने के बाद योजना का लाभ किस प्रक्रिया से मिलेगा।

कार्यक्रम में कृषकों ने अपनी शंकाएं और दिक्कतें भी रखीं। विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही उनका समाधान करते हुए योजना से जुड़ा जरूरी मार्गदर्शन दिया।

मछली पालकों के लिए आगे क्या

मत्स्य विभाग, जिला धार ने कृषकों से अपील की है कि योजना का लाभ लेने के लिए वे समय रहते NFDB पंजीयन करा लें। विभाग का कहना है कि मछली पालन को आय और रोजगार के मजबूत जरिये के रूप में विकसित करने में मछली पालकों की अपनी भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।

जिन मछली पालकों ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, वे योजना और पंजीयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी के लिए जिले के मत्स्य विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।