खरीफ की कटाई के बाद खेत खाली करने और पराली संभालने वाले यंत्रों पर अनुदान चाहने वाले धार जिले के किसानों के पास अब गिनती के दिन बचे हैं। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया 24 सितंबर से शुरू कर दी है और यह 6 अक्टूबर 2026 तक खुली रहेगी। इसके अगले ही दिन, 7 अक्टूबर को, प्राप्त आवेदनों में से लाभार्थियों का चयन लॉटरी के जरिए किया जाएगा।

कृषि विभाग के अनुसार इस चरण में छह तरह के आधुनिक यंत्रों के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं — श्रेडर/मल्चर, बेलर, स्लेशर, स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस), हे-रेक और रोटोकल्टीवेटर। ये सभी यंत्र मुख्य रूप से फसल अवशेष के प्रबंधन और खेत की तैयारी से जुड़े हैं।

किस यंत्र के लिए कितनी धरोहर राशि

आवेदन के साथ सुरक्षा निधि यानी धरोहर राशि का बैंक डिमांड ड्राफ्ट जमा करना अनिवार्य रखा गया है। यह डीडी "सहायक कृषि यंत्री, धार" के नाम से बनवाना होगा। विभाग ने साफ किया है कि बिना निर्धारित धरोहर राशि के मिले आवेदन अमान्य कर दिए जाएंगे।

यंत्रवार राशि इस तरह तय की गई है — श्रेडर/मल्चर के लिए ₹5,500, बेलर के लिए ₹15,000, स्लेशर के लिए ₹2,000, स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के लिए ₹3,500, हे-रेक के लिए ₹5,000 और रोटोकल्टीवेटर के लिए ₹2,500। यानी जिस यंत्र के लिए आवेदन करना है, डीडी भी उसी के हिसाब से बनवाना होगा।

फार्मर आईडी के बिना आवेदन नहीं

इस बार योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास AgriStack की फार्मर आईडी होना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने इच्छुक किसानों से अपील की है कि ऑनलाइन आवेदन करने से पहले वे AgriStack पोर्टल पर अपनी भूमि का पंजीयन जरूर पूरा कर लें।

यह शर्त व्यवहार में सबसे बड़ी अड़चन बन सकती है, क्योंकि पंजीयन में समय लगता है और आवेदन की खिड़की 6 अक्टूबर को बंद हो जाएगी। जिन किसानों का भूमि पंजीयन अब तक नहीं हुआ है, उनके लिए बेहतर यही होगा कि पहले फार्मर आईडी की प्रक्रिया निपटाएं, फिर यंत्र का चयन कर डीडी बनवाएं।

ध्यान रहे कि आवेदन कर देने भर से यंत्र मिलना तय नहीं होता। चयन 7 अक्टूबर की लॉटरी प्रक्रिया से होगा, जिसे विभाग ने पारदर्शी बताया है। इसलिए किसान आखिरी दिन का इंतजार करने के बजाय समय रहते पोर्टल पर आवेदन जमा कर दें और डीडी संबंधी शर्त को दोबारा जांच लें।