उज्जैन, 25 सितंबर। आधुनिक तकनीक और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर किसान खेती को लाभ का व्यवसाय बना रहे हैं। इसका प्रेरणादायक उदाहरण बड़नगर विकासखंड के ग्राम रूनिजा के कृषक श्री ललतूराम नागर ने प्रस्तुत किया है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) योजना के अंतर्गत संरक्षित खेती के लिए बनाए गए पॉली हाउस में खीरा-ककड़ी की खेती कर श्री नागर प्रतिवर्ष करीब 12 से 15 लाख रुपए तक की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं।

श्री ललतूराम नागर ने वर्ष 2024-25 में MIDH योजना के संरक्षित खेती घटक के तहत 4,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में पॉली हाउस स्थापित किया। इस इकाई की कुल लागत करीब 33.76 लाख रुपए रही, जिसमें उद्यानिकी विभाग द्वारा 16.88 लाख रुपए का अनुदान प्रदान किया गया। पॉली हाउस में वर्तमान में खीरा-ककड़ी के करीब 8,500 पौधे लगाए गए हैं।

नियंत्रित वातावरण में खेती होने के कारण फसल को मौसम की अनिश्चितता और कीट-व्याधियों से सुरक्षा मिलती है। इसके चलते 4,000 वर्ग मीटर क्षेत्र से एक फसल चक्र में करीब 30 से 40 टन खीरा-ककड़ी का उत्पादन प्राप्त हो रहा है। कृषक के अनुसार बाजार में खीरा-ककड़ी का भाव करीब 25 से 30 रुपए प्रति किलोग्राम तक रहता है।

लगभग छह माह के एक फसल चक्र में इससे 6 से 7.50 लाख रुपए तक की आय प्राप्त होती है। पॉली हाउस में वर्ष में दो फसल चक्र लिए जाने से श्री नागर को सालाना करीब 12 से 15 लाख रुपए तक की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।

योजना से मिली खेती को नई दिशा श्री ललतूराम नागर की सफलता यह बताती है कि पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक एवं संरक्षित खेती को अपनाकर किसान कम क्षेत्र में भी बेहतर उत्पादन और आय प्राप्त कर सकते हैं। पॉली हाउस में नियंत्रित वातावरण के कारण फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर बेहतर नियंत्रण रहता है। MIDH योजना के माध्यम से मिले अनुदान ने किसान के लिए आधुनिक संरक्षित खेती की राह आसान की।

आज रूनिजा में स्थापित यह पॉली हाउस इकाई आसपास के अन्य किसानों के लिए भी आधुनिक खेती का उदाहरण बन रही है। अन्य किसानों के लिए प्रेरणा सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाकर हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री ललतूराम नागर की सफलता इसी उद्देश्य का एक उदाहरण है।

उनकी खेती को देखकर क्षेत्र के अन्य किसान भी संरक्षित खेती और उद्यानिकी फसलों की ओर प्रेरित हो सकते हैं। जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग ने पात्र किसानों से MIDH योजना की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ लेने की अपील की है। इच्छुक किसान जिला उद्यानिकी कार्यालय अथवा संबंधित विकासखंड कार्यालय से योजना की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।