उज्जैन, 19 सितंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ पशुपालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराकर आधुनिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों द्वारा उत्पादित धान की शासकीय स्तर पर खरीदी सुनिश्चित की जाएगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को सतना कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को उज्जैन से एनआईसी के माध्यम से वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

किसानों को और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना बेल्ट में भी सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी लाया जाएगा। नहरों के माध्यम से सिंचाई का रकबा बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से मंदाकिनी नदी में भी पानी पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

इससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना क्षेत्र में हल्दी का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता है।

क्षेत्र की कृषि क्षमता को देखते हुए मसाला फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे किसानों को विविध फसलों के माध्यम से अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें।मुख्यमंत्री ने उन्नत किसानों से किया संवादवर्चुअल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सतना जिले के ग्राम सोहावल के किसान श्री शांतिनारायण पांडे से संवाद किया। किसान श्री पांडे ने मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना और उसके संचालन के संबंध में बताया।

मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य किसानों को भी कृषि के साथ पशुपालन एवं दुग्ध व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम झरी मझगांव के उन्नत कृषक श्री अनिल उपाध्याय से भी संवाद किया। श्री उपाध्याय जैविक खेती के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक कृषि को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

सतना में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र, मझगवां के वैज्ञानिकों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि अभियांत्रिकी, सहकारिता सहित विभिन्न योजनाओं एवं तकनीकी गतिविधियों की जानकारी दी गई।कार्यक्रम में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, आधुनिक खेती के तौर-तरीकों और विभिन्न कृषि योजनाओं से संबंधित साहित्य का वितरण भी किया गया।

महोत्सव के माध्यम से किसानों को कृषि के साथ-साथ पशुपालन, उद्यानिकी एवं अन्य संबद्ध गतिविधियों को अपनाकर आय के विविध स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।