उज्जैन, 4 अक्टूबर। ग्राम तुलाहेड़ा, तहसील घटिया के निवासी कृषक योगेंद्र पांडया वर्षों से पारंपरिक खेती कर रहे थे। न तो वे बीज का प्रतिस्थापन करते थे और न ही जैविक खाद का उपयोग करते थे। इस बार उन्होंने कृषि विस्तार अधिकारी से सलाह ली और बीज का प्रतिस्थापन करने के लिए कृषि विभाग से मिनी किट लिया।नए बीज और जैविक खाद के उपयोग से उन्हें इस बार सोयाबीन की बंपर फसल हुई है। इस सहायता के लिए वे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापन करते हैं।
खेती-किसानी